अंतर्राष्ट्रीय समूह "शेख अल सादिक Alghryany," लीबिया के मुफ्ती ने ऐक फतवा जारी करके,लीबिया के परास्त तानाशाह "मुअम्मर गद्दाफी" का अंतिम प्रार्थना संस्कार केवल परिवार के लिऐ ही अनुज्ञेय माना है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)मिस्र में प्रकाशित समाचार पत्र "अल अहराम"के हवाले से, शेख सादिक Alghryany ने इस बारे में कहाःधार्मिक कानूनी राय के आधार पर मस्जिदों में मुअम्मर गद्दाफी के अंतिम प्रार्थना संस्कार की अनुमति नहीं है.
शेख Alghryany ने जारी रखते हुऐ कहा: मुसलमानों, विद्वानों और मस्जिदों के इमामोंयह के लिए निषिद्ध है, कि गद्दाफी के जनाज़ह पर अंतिम प्रार्थना संस्कार पढ़ें, क्योंकि वह स्पष्ट रूप से disbelieved(काफ़िर) था और सुन्नते नबवी का इनकार किया और वर्षों सरकार में उसके व्यवहार और Akhlaq से पता चलता था कि धर्म से बाहर हो गया था.
लीबियाई मुफ्ती ने गद्दाफी के शरीर को मुसलमानों के कब्रस्तान में बिना परिचय के दफन करने को जाऐज़ कहा और बल दिया कि लीबियाई लोगों में साज़िश फैलने और तानाशाह की कब्र को उसकी मज़ार बनने से रोकें.
शेख सादिक Alghryany ने अंत में कहा कि मुअम्मर गद्दाफी के केवल परिवार और करीबी दोस्तों को अनुमति है कि उसके शरीर को ग़ुस्ल दें और नमाज़ मय्यत पढ़ें.
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