ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) अल आलम खबर नेटवर्क की वेबसाइट के हवाले से, फ़िलिस्तीनी सूचना केन्द्र न कहा कि इजराइली खुफिया एजेंसी लंबे समय से एक योजना चलाने के लिए बनाई थी कि ऐक सामाजिक नेटवर्क Facebook और ट्यूटर शैली के नेटवर्क की तरह स्थापित करे.
यह नेटवर्क वास्तव में मुसलमानों के लिए ऐक जाल है जो कि यूरोपी और अरब देशों के मुसलमानों को लक्षित करता है जो बहुभाषी में अपनी गतिविधियों को अंजाम देगा जिसमें रूसी भाषा भी शामिल है.
इसराइल ने पहली बार इस तरह की योजनाओं पर अपनी दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों को आगे लेजाने के लिऐ काम नहीं किया है और इस बात पर ध्यान देते हुऐ कि इस योजना के प्रोग्रामर में मुसलमानों के ऐक समूह का सहयोग भी है, यह स्पष्ट है कि मुसलमानों का यह समूह धोका खाया हुआ है.
रिपोर्टों के मुताबिक,इरादा है कि निकट भविष्य में इस्लामी देशों में से एक में जनता के विश्वास को हासिल करने और सार्वजनिक रूप से संभव संदेहों को ख़त्म करने के लिऐ यह योजना लागू के.
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