ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)वेबसाइट "नसीज" के अनुसार,अल अजहर शेख ने क़ुदस मुसलमानों के पहले Qibla को यहूदी बनाने की परियोजनाओं और उसके निवासियों को निष्कासित करने के परिणामों पर यहूदी शासन और इस शासन का समर्थन करने वाले विदेशी देशों को चेतावनी दी.
अहमद अत्तय्यब ने कहा: क़ुदस हमारे लिए केवल कब्जे वाला क्षेत्र ही नहीं है बल्कि एक पवित्र इस्लामी भूमि है,और उस पर कब्जा कर लेना केवल एक फ़िलिस्तीनी राष्ट्रीय और अरबी मुद्दा नहीं है बल्कि ऐक ऐतेक़ादी विषय के रूप में है.
शेखअल अज़हर ने यहूदी विद्वानों से आग्रह किया कि इतिहास की जाँच करें कि यहूदियों पर हर जगह अत्याचार व उत्पीड़न हुआ है सिवाऐ इस्लामी देशों में कि हमेशा सम्मान किया गया है .
उन्होंने कहा:यरूशलेम में रहने वाले अरब लोग 60 सदियों पहले इस ज़मीन के मालिक थे, यहां तक कि यहूदी धर्म के आगमन से पहले भी,यह शहर अरबों द्वारा बनाया गया था.
अहमद अत्तय्यब"शेख अल अजहर ने अंत मे ऐक बार फिर जोर दिया कि इस्लामिक सेंन्टर अल अजहर व विश्व के सारे मुसल्मान यहूदी निवास बनाने की निंदा करते हैं और यहूदी अधिकारियों को संबोधित करते हुऐ कहा इस दुन्या में ऐक चौथाई मुसल्मान आबाद हैं और यह संख्या अपने अधिकार लेने की स्वयं ताक़त रखती है.
902530