अंतरराष्ट्रीय समूह: मुसलमान पश्चिमी समाज और ईसाइयों से चर्चा कर रहे हैं, जबकि शिया और सुन्नी, इन बातों का संचालन करने के लिए योग्य हैं विशेष रूप से जब कि शियाओं और अहले सुन्नत मे कोई बुन्यादी मतभेद नहीं है और केवल कुछ छोटे मुद्दों के बीच आपस में मतभेद रहे हैं.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार एजेंसी "इबा"के अनुसार, "अहमद अल-तय्यब, शेख अल-अजहर, उपग्रह नेटवर्क " अल मस्रियह" के साथ एक साक्षात्कार में यह व्यक्त करते हुऐ कहा अहले सुन्नत इस्लामी उम्मा की अच्छाई और भलाई के लिए शियों के साथ वार्ता करने बैठें.
उन्होंने कहा: हम शिया समुदाय में अहले सुन्नत के धर्म के विज्ञापन और प्रकाशन और इसी तरह अहले सुन्नत के बीच शिया धर्म के प्रसार को नहीं कहते कि इस्लामी समुदायों की एकता और अखंडता की रक्षा हो और यह समुदाय विभाजन का शिकार न हों.
अहमद अल-तय्यब ने अरबी और इस्लामी देशों से आग्रह किया कि एक दूसरे को भौगोलिक सीमाओं से पहचाने उनका सम्मान करें और इसका लाज़िमा एक दूसरे के आंतरिक मामलों में noninterference बताया है.
दरअसल, अहमद अल-तय्यब, अल - अजहर के शेख, ने इस्लामी धर्म सन्निकटन को निरंतर महत्वपूर्ण और अल - अजहर के केंद्रीय मुद्दों में बताया और बार - बार जोर देकर कहा कि शियाओं और अहले सुन्नत के बीच केवल मामूली मुद्दों मतभेद है और उसूले दीन व ऐतिक़ाद में कोई फ़र्क़ नहीं है.
957476