ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार नेटवर्क "अल आलम," के हवाले से शेख मोहम्मद नम्र ज़ग़मूत" ने अफगानिस्तान में अमेरिकी क़ाबिज़ बलों की शर्मनाक कार्वाई पवित्र कुरान के जलाने की चर्चा करते हुए, कहा: यह कार्रवाई अफगानिस्तान और अन्य देशों में व्यापक विरोध प्रदर्शन की एक लहर का कारण बनी है और अफगानिस्तान के मुस्लिम लोगों ने कुरान की रक्षा में अब तक दर्जनों शहादत दे चुके हैं.
लेबनान के इस विद्वान ने कहाःकि वैश्विक अहंकार और उनमें सबसे आगे अमेरिका मुसलमानों के प्रति अपने दिल में चरम घृणा रखता है और कोशिश कर रहा है कि मुसलमानों को कुरान से दूर करदे.
शेख़ ज़ग़मूत ने कहा: अमेरिका और ब्रिटेन, इस शर्मनाक लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रहा है और ब्रिटिश ने तो स्वयं घोषणा की थी कि जब तक यह किताब मुसलमानों के बीच है, साम्राज्यवाद कभी भी मुसलमानों पर काबू पाने में सक्षम नहीं हो सकते.
शेख़ ज़ग़मूत ने आगे कहा: ओबामा और अन्य अमेरिकी अधिकारी कपटी और झूठे हैं और इस तरह के शर्मनाक कार्यों और कुरान का अपमान करने के संचालन के आदेश छुप कर दे रहे हैं, वह लोग झूठे बयानों के साथ मुसलमानों को धोका दे रहे हैं, लेकिन कोई सभ्य और मुजाहिद मुसलमान उनके धोखा देने वाले दावों और बहकाने वाली टिप्पणियों मे नहीं फंसेगा.
शेख़ ज़ग़मूत ने कुरान के लिए अनादर के बारे में कुछ अरबी और इस्लामी शासकों की चुप्पी की निंदा करते हुऐ, कहा तानाशाह संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के शासकों और उनके सहयोगी, अरबी देशों के शासकों के साथ मिल कर, इजरायलवाद के विचार पर केन्द्रित और मुस्लिमों से बदला लेने के लिऐ जमा होगऐ हैं और इस्लामी देशों के शासक, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और यहूदी शासन के नाम पर, लोगों के ऊपर शासन कर रहे हैं.
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