IQNA

विदेश विभाग ने अमेरिकी सेना द्वारा की निंदा कीः

5:17 - February 28, 2012
समाचार आईडी: 2282066
राजनीतिक समूह: विदेश मामलों के मंत्रालय ने एक बयान जारी करके अफगानिस्तान बगराम बेस में नाटो सेना द्वारा की गई कुरान की अपवित्रता में बेतुकी और अपमानित कार्रवाई, की दृढ़ता से निंदा की.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) विदेश मंत्रालय के प्रेस और सूचना विभाग के हवाले से,इस बयान में आया है, एक बार फिर अफगानिस्तान में विदेशी सैन्य बलों द्वारा मानव अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों की उपेक्षा के उदाहरण सामने आऐ और अमेरिकी सैन्य बलों ने पवित्र कुरान की प्रतियां जला कर, मुस्लिम दुनिया का अपमान किया है.
मुसल्मानों के ऐतेक़ादात के संबंध में यह अपमान अफ़गानिस्तान पर क़ाबिज़ लोगों के दुन्या और क्षेत्र के मुसल्मानों की धार्मिक व मज़हबी संस्कृति के गलत समझने के कारण हुआ है और मानव अधिकारों का बार बार उल्लंघन तथा अफ़गान मुस्लिम लोगों के अधिकारों पर हमला इस देश पर जारी क़ब्ज़े की वजह से है और इस तरह की कार्वाइयों के मुक़ाबिल क़ाबिज़ लोगों का जवाब न देना उनके क़ानून से बाहर है.

इस बयान में आया है यह कोई पहली बार नहीं हुआ है कि अफ़गानिस्तान में नाटो व अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया गया है और अमेरिकी अहंकार आत्मा की ओर ध्यान करते हुऐ इस तरह की शैतानी कार्वाइयों और मुक़द्दसाते इस्लामी के ख़िलाफ़ ऐसे अपमान जनक कार्यों की तकरार अपने पीछे दुन्या के क्रोध व नफ़्रत को ही जनम देगा.
विदेश मंत्रालय के बयान में आया है कि इस्लामी गण्यराज्य ईरान अफ़गानिस्तान में नाटो व अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा पवित्र कुरान के अपमान की निंदा करते हुऐ ऐक बार फिर अफ़गानिस्तान से विदेशी सैन्य बलों के निष्कासन पर बल देता है और मानना है कि अफ़गानिस्तान में शांति, सुकून, स्वत्रंता और आराम की वापसी केवल विदेशी सैन्य बलों के जल्द से जल्द अफ़गानिस्तान से चले जाने में ही है और इस संबंध में कोई भी समझौता जिसके कारण इन बलों का अफ़गानिस्तान में रुकना लंबा होजाऐ तो ऐसा समझौता न केवल इस देश में बल्कि पूरे इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर खतरा माना जाना चाहिए.
ईरानी सरकार और लोग आशा रखते हैं कि अफ़गानिस्तान के लोग तमाम काम अपने हाथों में लेकर अपने देश की समस्याओं पर काबू पा लेंगे और विदेशी हस्तक्षेप और
उपस्थिति के कारण पैदा हुऐ बुरे प्रभाव को दूर कर देंगे.
विदेश मंत्रालय के बयान में इसी तरह बल दिया गया है कि इस्लामी गण्यराज्य ईरान को मुसल्मान और स्वत्रंत देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों से आशा है कि अफ़गानिस्तान में अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा ग़ैर उसूली कार्वाई की निंदा करेंगे और शांति के रास्ते में ऐक प्रभावी भूमिका निभाऐंगे.
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