ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट «tunisienumerique »के हवाले से, ट्यूनीशिया धार्मिक मामलों के मंत्रालय ऐक बयान जारी करके, बल दिया है कि आज के बाद मस्जिदों से संबंधित सभी मामलों को इस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा और कोई संस्था या राजनीतिक दल मस्जिदों में विशेष रूप से इमामे जमाअत को हटाने और ऱखने, में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं रखेगी.
इस बयान के आधार पर अगर ऐक मस्जिद के नमाज़ी इमामे जमाअत के काम से राज़ी नहीं हैं तो यह बात अधिकारिक तौर पर धार्मिक मामलों के मंत्रालय को बताना होगी औक अधिकारी समीक्षा के बाद इस मामले में कार्वाई करेंगे.
ट्यूनीशियाई धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने कहा कि पूजा स्थानों को सार्वजनिक संपत्ति शुमार किया जाऐगा और किसी भी तरह की हेरफेर यहां तक कि इन स्थानों के किसी हिस्से की मरम्मत धार्मिक मामलों के मंत्रालय की अनुमति के बिना अवैध होगी और विरोध करने वालों को सज़ा मिलेगी अगर नमाज़ी लोग मस्जिदों के परिसर की बहाली की योजना रखते हैं तो धार्मिक मामलों के मंत्रालय को सूचित करना पड़ेगा.
बयान अंत में, आया है: स्थानों या धार्मिक केन्द्रों का नामकरण और नाममात्र भी धार्मिक मंत्रालय द्वारा किया जाऐगा और जो नाम राष्ट्रीय हितों या इस्लामी शरीयत के विपरीत होगा परिसर से हटा दिया जाएगा.
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