इंटरनेशनल ग्रुप, "सईद अश-शहरी" अल-कायदा के नेता और इस आतंकवादी संगठन के नंबर दो की शख़्सीयत, ने सऊदी अरब में शियाओं के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर निराधार आरोपों के साथ उंगली उठाई और "Qatif प्रांत में उनको कुचलने की कारवाई की मांग की.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट Rased के हवाले से, सईद अश-शहरी ने अपने भड़काऊ बयान में, Qatif में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लेने को ईरान का हाथ जाना और कहा: "इन लोगों को मार डाला जाना चाहिए और उनकी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए."
सईद अश-शहरी ने इस बयान में जो कि यू ट्यूब के ज़रये प्रकाशित हुआ केवल ईरान पर आरोप लगाने को काफ़ी नहीं जाना और सऊदी सरकार को भी निशाना बनाया और घोषणा कीः कि »सऊदी उलमा आले सऊद के एजेंट हैं और सरकार व नौकर शाही राफ़ज़ियों(शियों की इशारा)का सत्य ज़ाहिर होने के बाद भी कोई कार्वाई नहीं कर रहें हैं«
अश-शहरी ने आगे शियों की तक्फ़ीर में शेख अब्दुल्ला Aljbry, सऊदी विद्वानों के बोर्ड के सदस्य के फतवे की ओर निस्बत देते हुऐ सुन्नियों को शियाओं के खिलाफ उत्तेजित किया और सुन्नियों को संबोधित करते हुऐ दावा किया कि " सावधान रहना राफ़ज़ी लोग उस से अधिक खतरनाक हैं जो आपको लगता है और आपकी तक्फ़ीर और रक्त बहाने तथा आपके माल को ज़ब्त करने के लिऐ शिक्षित किऐ जारहे हैं"(!)
इस अल कायदा नेता ने सह-अस्तित्व जीवन और धार्मिक सन्निकटन व देशभक्ति दृष्ट पर सवाल उठाया और दावा किया कि राष्ट्रीय और धार्मिक सह-अस्तित्व के लिए निमंत्रण समुदाय में हस्तक्षेप करना है (!)
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