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विलायत, हमारी दुन्यावी और स्वर्गीय जीवन में सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत हैः

5:36 - March 13, 2012
समाचार आईडी: 2290701
इंटरनेशनल ग्रुप: Hojjatoleslam हसन रज़ा क़दीरी ने जामेअतुल मुन्तज़र लाहौर में शहीद अयातुल्ला सक़लैन नक़वी के स्मरणोत्सव पर टिप्पणी में कहा: विलायत, हमारी दुन्यावी और स्वर्गीय जीवन में सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है, इसी लिऐ हमेशा इमामों (अ.स.)से मुतमस्सिक रहते हैं.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के लाहौर, पाकिस्तान सी अभियान रिपोर्टर के हवाले से, जामेअतुल मुन्तज़र लाहौर में शहीद अयातुल्ला सक़लैन नक़वी के स्मरणोत्सव, 9 मार्च,को विद्वानों और पाकिस्तान लाहौर के शियाओं की उपस्थित के साथ आयोजित किया गया.

Hojjatoleslam हसन रजा Qadiri,इंग्लैंड मैनचेस्टर सेमिनरी के अध्यक्ष, इस महान आलिम की शहादत पर खेद ब्यक्त करते हुऐ कहा: शहीद नकवी मोहम्मद यार शाह ख़ानदान से महान विद्वानों में थे कि अपना पूरा जीवन परमेश्वर की आज्ञा का पालन करने में गुज़ारा.

उन्होंने जारी रखते हुऐ कहा: शहीद सक़लैन नक़वी चूंकि हजरत अली (अ.स.) के अनुयायियों व मुरीदों में से थे शहाद के मुक़ाम को अपने मौला हजरत अली (अ.स.)से सीखा और इसी रास्ते पर शहादत की आवाज़ पर लब्बैक कहा.
Qadiri ने कहाः इस तरह की हक़ पर लब्बैक कहना हमारी भी आदत होना चाहिऐ और हजरत अली (अ.स.)के अनुयायी होने के कारण हमें प्रार्थना करना चाहिए, कि हमारी मृत्यु और रास्ता इमामों के जैसा होना चाहिऐ.
इस पाकिस्तानी विद्वान ने कहा: हम शिया हज़रात वस्ल के क़ाएल हैं न कि जुदाई के,इसी कारण किसी भी तरह रसूल व अहलेबैत से अलग नहीं हो सकते,हम किसी भी तरह न दुन्यावी और न स्वर्गीय जीवन में विलायत से दूर नहीं होसकते और हमेशा इमामों (अ.स.) से मुतमस्सिक रहेंगे.

यह उल्लेख किया जाता है, शहीद हाफ़िज़ सैयद मोहम्मद सक़लैन नक़वा अयातुल्ला हाफिज सैयद मोहम्मद यार Najafi जो पाकिस्तान के इतिहास में अग्रणी विद्वानों में जाने जाते थे के पुत्र थे जो 24 फ़रवरी को पाकिस्तानी कट्टरपंथी सिपाहे सहाबा के हाथों शहर अलीपुर में शहीद किऐ गऐ थे.
यह उल्लेखनीय है कि लाहौर में ईरानी संस्कृति हाउस के प्रमुख ने अपने पैनल अधिकारियों के साथ इस समारोह में जो जामेअतुल मुन्तज़र में आयोजित किया गया था भाग लिया.
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