IQNA

इजरायल के हवाई हमले के खिलाफ चुप्पी विश्वासघात हैः

5:47 - March 14, 2012
समाचार आईडी: 2291402
इंटरनेशनल ग्रुप: लेबनान में मुस्लिम मौलवियों की एसोसिएशन ने 12 मार्च,को एक बयान जारी करके बल दियाः गाजा पर इजरायल के अपराधों और इस शासन द्वारा हवाई हमलों के खिलाफ चुप्पी साधना विश्वासघात है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) अल Manar टेलीविजन नेटवर्क की वेबसाइट के हवाले से, लेबनान में मुस्लिम मौलवियों की एसोसिएशन ने ऐक इस बयान में कहा कि इसराइल द्वारा मानव अधिकारों का उल्लंघन इस हद तक पहुंच गया है कि उसके खिलाफ शांत नहीं रहना चाहिए और इजरायली हमलों के खिलाफ चुप रहना विश्वासघात है.
इस एसोसिएशन ने बल दिया: इसराइली अपराध उस वक़्त किऐ जारहे हैं कि एहूद बराक, युद्ध के मंत्री, फिलीस्तीनी नागरिकों की हत्या से उत्साहित है ता कि यह दिखाऐं कि आयरन डोम (गाजा के लिए नई इसराइली रॉकेट गोलाबारी)ने अपनी क्षमता साबित कर दिया है.

इस बयान में आया है यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे हालात में Zionists यह अपराध कर रहे हैं कि अरब लीग शिखर सम्मेलन कर रहा है, लेकिन फ़िलिस्तीन की मदद के लिऐ कोई स्थिति नहीं लेरहा है और सीरिया में सैनिकों को भेज कर इस्लामी प्रतिरोध को कमजोर बनाना चाहता है.
लेबनान में मुस्लिम मौलवियों की एसोसिएशन ने इसी तरह घोषणा कीः कि अरब लीग शिखर सम्मेलन अरबी सैनिकों को फ़िलिस्तीन भेजने के लिऐ इस देश की राष्ट्र की मदद के उद्देश से य़हूदी शासन से मुक़ाबला के क्रम में किसी स्थित का ऐलान नहीं करता और अपने सारे प्रयास सीरिया में सैनिक भेजने के लिऐ जो प्रतिरोध समर्थक और इजरायल विरोधी है इस देश को कमज़ोर करने के लिऐ काम में लेरहा है.
स्मरण है, गाजा पर इजरायल के हवाई हमले जो कि 9 मार्च से शुरू हुऐ हैं, कई लोग मारे गए और बहुत से लोग घायल हुऐ हैं रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल जंगी जहाज़ों ने परसों अपना अंतिम हमला उत्तरी क्षेत्र में गाजा शरणार्थी शिविर "Jbalya पर अंजाम दिया जिसके चलते एक गैर सैन्य पुरुष और महिला शहीद हो गए.
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