ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) ने जानकारी साइट समाचार नेटवर्क"Rasd" के अनुसार उद्धृत किया कि प्रांत अल क़तीफ के इमामे जुमा शेख़ हसन अल सफ्फार ने कल शुक्रवार की नमाज के ख़ुतबे में इस मतलब की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आज अरबी समुदायों में तानाशाही ताक़तों में कश्म कश जारी है
उन्होंने कहा कि यह दोनों दो संस्कृतियां की मुस्तक़िल प्रतिनिधित्व कर रही हैं एक संस्कृति चाहती है कि अरब क़ौमें पिछड़ेपन का शिकार रहें और दूसरी संस्कृति अरब राष्ट्र की प्रगति और विकास को बढ़ावा देने का समर्थन कर रही हैं
अल सफ्फार ने कहा कि धार्मिक अतिवादी फिकर और नज़र को स्वीकार नही कर रहे हैं और अपने को तानाशाही के रखवालों और अधिवक्ताओं की स्थिति में ला खड़ा किया है इसलिए, धार्मिक अतिवाद की गहनता के लिए जिम्मेदार धार्मिक अतिवादी और किसी भी परिवर्तन का विरोध करने के ख़िलाफ हैं
उन्होंने कहा कि दीन मोबीन इस्लाम को जौहर और शैली के आधार पर कोई समस्या नहीं है, लेकिन इस्लाम को समझने में मौलिक समस्याएं हैं
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