ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने "almanaralink" से नक़ल किया है कि मिस्र के अपदस्त राष्ट्रपति हसनी मुबारक की निजी डायरी को मिस्री अखबार "अलयूसुफ" प्रकाशित कर रहा है डायरी के दसवीं याद में लिखता है कि गद्दाफी ने इमाम मूसा सद्र की ऐक कड़वी बातचीत के बाद हत्या कर दी थी.
इस याद में लिखा है कि गद्दाफी ने इमाम मूसा सद्र को रात के खाने पर आमंत्रित किया था जहां पर गद्दाफी ने इमाम मूसा सद्र को लेबनान की आंतरिक गृहयुद्ध का जिम्मेदार ठहराया जिसके आधार पर दोनों में तल्ख बात हुई. गद्दाफी ने बाडीगाड को तलब किया जिन्होंने इमाम मूसा सद्र और उनके सहकर्मियों को हिंसा का निशाना बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया था.
हसनी मुबारक का कहना है कि गद्दाफी चार घंटे तक तो ख़ुद हिंसा का निशाना बनाता रहा.जिस की वजह से इमाम मूसा सद्र बेहोश हो गए. बाद में उनको साथियों के साथ वज़नी पत्थरों से बांध कर सागर रूम में फेंक दिया गया. फिर गद्दाफी ने इस घटना के सभी गवाहों की भी हत्या करा दी. केवल इस घटना का एकमात्र गवाह मैं हूँ.
यादरहे कि मिस्री क्रांति के बाद इमाम मूसा सद्र के जीवित या मृत होने के बारे में विभिन्न जानकारी प्राप्त हो रही हैं.
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