शाम के प्रमुख कवि, लेखक और अरब लेखक संघ के सदस्य "मलिक सक़ूर" ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (इक़ना) के साथ विशेष बातचीत के दौरान विचार व्यक्त किया है कि वर्ष 2006 में इसराइली सरकार के साथ युद्ध के दौरान हिज़्बुल्ला की शानदार सफलता के बाद सैयद हसन नसरल्लाह के साथ लोगों के प्यार में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है जबकि इन्हीं दिनों के दौरान मिस्र में जन्मे लगभग 700 बच्चों का नाम हसन नसरल्लाह रखा गया था यह बात सैयद हसन नसरल्लाह के साथ लोगों के वालेहाना प्यार पर बेतरीन दलील है.
उन्होंने कहा है कि अल्लाह ने सैयद हसन नसरल्लाह को निष्ठा समर्थकों और मुजाहिदीन की सूरत में सर्वश्रेष्ठ उपहार प्रदान किया है उसी तरह इस्लामी गणतंत्र ईरान और उसके बाद शाम जैसे देश उन के पुश्त व पनाह हैं और लेबनान में भी विभिन्न समूहों व आंदोलनों के नजदीक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है.
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