ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) प्रेस टीवी की वेबसाइट द्वारा उद्धृत, द गार्जियन ने लिखा, नस्लवाद विरोधी समूह "आशा, ना कि नफरत" की नई शोध से पता चलता है कि इंग्लैंड इस देश में 22 इस्लाम विरोधी समूहों की गतिविधियों के बावजूद मुसल्मानों के विरुध अतिवाद के प्रसार में ऐक सक्रीय देश माना जाता है.
यह रिपोर्ट एन्ड्रेस Bhryng Bryvyk, नार्वेजियन इस्लाम विरोधी कातिल जिसने 77 लोगों की हत्या करने को कबूल किया था, के कोर्ट फ़ैसले से ऐक दिन पहले प्रकाशित की गई है.
निक लोलस "आशा, नफरत नहीं" समूह के निदेशक, ने इस संबंध में कहा: इस सप्ताह सभी आँखें Bryvyk ने जो पिछले साल जुलाई में किया था उस पर ध्यान केंद्रित किऐ है, लेकिन हम उन लोगों को जो इस खतरे के लिए उसको प्रेरित करने वाली थे नजरअंदाज कर रहे हैं.
Bryvyk ने पिछले साल जुलाई में एक बम हमले और गोली बारी के ज़रये नॉर्वे की राजधानी ओस्लो और एक द्वीप में 77 लोगों को मार दिया था.
इस रिपोर्ट में ब्रिटिश रक्षा लीग (ऐ डी एल) को मुस्लिम विरोधी उग्रवाद को बढ़ावा देने का एक प्रमुख तत्व के रूप में पेश किया गया है. पिछले महीने, एक अध्ययन से पता चला है कि यह संघ और ब्रिटेन में अन्य चरम पंथी समूहों का मानना है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल एक वैध और अपरिहार्य है!
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