ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट egynews के हवाले से, स्कॉट मॉर्गन,इस चर्च में अमेरिकी पादरी ने कुछ आयतों को शिक्षण के लिए चुना जो कि महिलाओं के मुद्दों, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और नागरिक अधिकारों की ओर इशारा करती हैं और इन आयतों का अर्थ सहभागियों के लिऐ समझाया.
स्कॉट मॉर्गन ने जोर दिया: मैं ने चर्च में दो मुद्दों हिंसा और महिलाओं,को जो अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है, कुरानी आयात की ओर इशारा करते हुऐ पढ़ाया और समझाया कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है कि गैर - मुसलमानों के खिलाफ हिंसा पर प्रतिबंध लगाता है और इस क्षेत्र में पैगंबर (स) की जीवनी से पुरूफ़ पेश किया.
मॉर्गन ने आगे कहाः इस्लाम में महिलाओं की स्थिति और समाज के निर्माण में उसकी भूमिका जानने के लिऐ,उन आयतों की जो महिलाओं की महानता को बताती हैं व्याख्या किया.
इस अमेरिकी नेटवर्क के मुताबिक, स्कॉट मॉर्गन, बच्पन से इस्लाम और मुसलमानों से परिचित था और सत्तर के दशक के अंत में अफगानिस्तानी मुसलमानों के बीच जीवन बिताया और उनसे इस्लामी मूल्यों और सिद्धांतों को सीखा.
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