अंतरराष्ट्रीय समूह; बहरीनी शियों के नेता ने परसों 18 मई को शुक्रवार नमाज़ के उपदेश में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों की यूनियन की योजना की आलोचना करते हुए कहा कि गठबंधन, सरकार का है, मिल्लतों का नहीं.
ईरानी कुरान समाचार ऐजेंसी(IQNA) ने लेबनान से प्रकाशित होने वाले अखबार (अलइन्तेक़ाद)से नक़्ल किया है बहरीन की राजधानी मनामह के क्षेत्र (अलदराज़) में मस्जिद इमामे सादिक़ के शुक्रवार वक्ता और बहरीनी शियों के नेता आयतुल्लाह ईसा क़ासिम ने शुक्रवार नमाज़ के ख़ुत्बे में कहा आज हम खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों से वंचित हो गए हैं. यह गठबंधन ज़ालिमों और सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों और उद्देशों के खिलाफ है.
आयतुल्लाह ईसा कासिम ने कहा मिल्लतों की राय को ध्यान में न रखते हुए उनकी क़िस्मतों के फैसलों जैसी कार्वाई बहुत अन्याय पूर्वक और सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों और नैतिकता के खिलाफ है गठबंधन में मिल्लतों की स्वतंत्रता का आधार नहीं दिखाया गया. यहां तक कि उन्हें आपत्ति का अधिकार भी नहीं है. उन्होंने बहरीन में मस्जिदों की ध्वंसता की निंदा करते हुए कहा आले खलीफा एक इस्लामी देश में मस्जिदों की ध्वंसता पर गर्व करते हैं.
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