IQNA

"महान इसराइल" की योजना हिज़्बुल्ला के हाथों विफल होगई. सैयद हसन नस्र अल्लाह

6:21 - May 27, 2012
समाचार आईडी: 2334650
अंतरराष्ट्रीय समूह: हिज़्बुल्ला के महासचिव ने महान सफलता प्राप्त करने के परिणाम की ओर इशारा करते हुए कहा कि "महान इसराइल" और अमेरिकन इजरायल योजना की विफलता इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने "अलमनार" समाचार नेटवर्क से नक़्ल किया है कि सैयद हसन नस्र अल्लाह ने परसों 25 मई को दक्षिण लेबनान की सह्यूनियों के शिकंजे से आज़ादी की 12 वीं वर्षगांठ की प्रासंगिकता पर संबोधित किया.
उन्होंने कहा जब इमाम मूसा सद्र लेबनान आए उसी समय उन्होंने कहा था कि हम चाहते हैं कि सीमाओं पर सेना मौजूद हो. और चाहते हैं कि दक्षिण लेबनान के जवानों को हथियारबंद होना चाहिए किन्तु उस समय की सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि वह किसी और दुनिया में मशगूल थी और सरकार ने दक्षिण लेबनान की रक्षा नहीं की और फिर जवान ही इस मिशन के लिए तय्यार हुए.
सैयद हसन नस्र अल्लाह ने ताकीद की, इमाम मूसा सद्र मजबूर हुऐ कि लेबनान में बल तैयार करे और जनता से आग्रह किया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हथियार खरीदे. लेबनानी जनता मजबूर हुई कि हथियार की खरीदारी करें और सरकारी सहयोग की कमी के कारण अपना बचाव करे .
उन्होंने कहा यह धरती कि जहाँ पर आप हैं इस पर इस्राइलियों का कब्जा था लेकिन इस धरती को उनके मालिकों को वापस दी गई. इसराइल के उद्देश्यों और लक्ष्यों में था कि लेबनान पर कब्जा करे उसकी आँखें दक्षिण लेबनान की ओर थीं लेकिन लेबनानी जनता की दिलेराना जंग ने इसराइल को निकाल बाहर करने पर मजबूर कर दिया. "शिबा" रेगिस्तान " कफ़रशोबा" और "ग़जर" गांव के कुछ क्षेत्रों को बिना किसी दखालत और शर्त के उन्होंने वापस कर दिया.
सैयद हसन नस्र अल्लाह ने कहा इस धरती को उनके मालिकों, सरकार और सभी लेबनानी अधिकारियों को वापस दे दी गई और सरकार लेबनान ने इरादा किया कि सेना को इन क्षेत्रों में भेजे. और किसी को अधिकार नहीं है कि कोई आपत्ति करे और सेना को भी लेबनान की धूल के हर कण पर होना चाहिए.
उन्होंने कहा अरबी और अन्य देश यदि समर्थन करते तो उसके परिणाम इससे भी अधिक होते, किन्तु उनमें से सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि इसराइल मजबूर हुआ कि पश्चिमी तट पर एक दीवार खड़ी करे इस सूरत में महान इजरायल की योजना विफल हो गयी और दीवार भी उसकी रक्षा न कर सकी.
हिज़्बुल्ला के महासचिव ने कहा आज इजरायल अपनी आक्रामक प्रकृति के साथ साहस नहीं रखता कि हमारे किसी गांव पर कब्जा कर सके. और जो लोग लेबनान की रक्षा कर रहे हैं वह न संयुक्त राष्ट्र है और न ही अरबी देश बल्कि यह लेबनान की जनता और सुरक्षा बल हैं.
उन्होंने कहा हम इस देश और दक्षिण लेबनान की सुरक्षा और इसमें शांति ईजाद करेंगे और दक्षिणी लेबनान का समर्थन हमारी प्राथमिकता है.
उन्होंने कुछ लेबनानी तीर्थयात्रियों कि जिन को शाम में अपहरण कर लिया गया था के बारे कहा कुछ क्षणों पहले संतुष्ट हम हुए कि अपहरण शुदगान अब तक तुर्की में हैं और तैयार हो रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बेरूत के लिऐ रवाना हों.
उन्होंने सभी उन लोगों का धन्यवाद किया कि जिन्होंने लेबनानी तीर्थयात्रियों की रिहाई में साथ दिया.
1016346

captcha