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इस्लाम कको परमेश्वर के धर्म के रूप में मान्याता देना, धार्मिक वार्ता की शर्तः

10:40 - May 29, 2012
समाचार आईडी: 2336757
सोच और विज्ञान का समूह: विश्व धर्मों के अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष ने इस्लाम की मौलिक पहचान में ईमानदारी को धार्मिक बातचीत की शर्त बताया और कहा: यदि कुछ पश्चिमी ईसाईयों की तरह मुहम्मद (PBUH) को भगवान का पैगंबर और इस्लाम को इलाही धर्म ना मानें तो धार्मिक संवाद अर्थहीन है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन, अब्दुल रहीम गवाही, विश्व धर्म के लिए रिसर्च सेंटर के प्रमुख, ने 27 मई को, "बैतुल मुक़द्दस के प्रति मुसलमानों और ईसाइयों की साझा जिम्मेदारी" के शीर्षक के तहत प्रथम धार्मिक सम्मेलन"इस्लाम और ईसाई धर्म इंजील की शाखा" इस्लाम की मौलिक पहचान में ईमानदारी को धार्मिक बातचीत की शर्त बताया और कहा: अगर, कुछ पश्चिमी ईसाईयों की तरह मुहम्मद (PBUH) को भगवान का पैगंबर और इस्लाम को इलाही धर्म ना मानें तो धार्मिक संवाद अर्थहीन है और ऐसी बैठकों को ईसाइ धार्मिक विश्वासियों और अधार्मिक मुसलमानों के बीच एक बातचीत के रूप में होगी.
इस सम्मेलन और अन्य लोगों ने भी भाषण दिऐ.

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