अंतरराष्ट्रीय समूह: मस्जिदुल अक़सा के क़ुब्बतुस्सख़रह पर इजरायल ध्वज लहराने के खिलाफ बैतुल मुक़द्दस के ग्रेंड मुफ्ती ने इस्लामी दुन्या से मांग की है कि बैतुल मुक़द्दस और मस्जिदुल अक़सा की मुक्ति के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं क्योंकि सह्यूनियों का कदम इस पवित्र मस्जिद की इस्लामी हैसियत के किए खतरनाक है.
ईरानी समाचार एजेंसी (iqna) ने बहरीन ने प्रकाशित अखबार (अलवसत)से नक़्ल किया है बैतुल मुक़द्दस के मुफ्ती शेख़ मोहम्मद हुसैन ने कहा क़ुब्बतुस्सख़रह के आसपास इसराइल ध्वज मस्जिदुल अक़सा की इस्लामी स्थिति के खिलाफ है आलमे इस्लाम और मुसलमान क़ौमो को बैतुल मुक़द्दस की मुक्ति के लिए गंभीर प्रयास करना चाहिए.
बैतुल मुक़द्दस के अवक़ाफ़ के निदेशक शेख़ इज़ामुल खतीब ने भी इस बारे में घोषणा की है इसराइली सैनिकों की अधिक संख्या और विशेष बलों की मौजूदगी में क़ुब्बतुस्सख़रह पर इस्राईली ध्वज लहराया गया.
शेख़ इज़ामुल खतीब ने इस कदम को भड़काऊ और खतरनाक करार देते हुए कहा 28 मई को 180 से अधिक सैनिक और विशेष दस्ते क़ुब्बतुस्सख़रह के आंगन में प्रवेश किया और एक बड़ा झंडा इस हरम शरीफ के सामने लहरा दिया उन्होंने कहा ध्वज के बड़े या छोटे होने की बात नहीं है खुद ध्वज का लहराना एक खतरनाक भड़काऊ कदम है.
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