ईरानी कुरान समाचार एजेंसी ((IQNA) ने "अलमनार" चैनल से नक़्ल किया है कि हिज़्बुल्ला के महासचिव सैयद हसन नस्रुल्लाह ने एक जून को हज़रत इमाम खुमैनी की 23 वीं बरसी के अवसर पर बेरूत के महल "योनीसको" में जो समारोह आयोजित हुआ उसमें चर्चा करते हुए कहा इमाम खुमैनी बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीन पर विशेष ध्यान रखते थे और सद्दाम और कुछ अरब देशों के समर्थन के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध में भी फ़िलिस्तीन की समस्या को हर गिज़ भूलया नहीं.
उन्होंने कहा इमाम खुमैनी ने क्रांति को सफल स्तर पर पहंचाया और आज उसका महत्व और प्रभावी भूमिका दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ दशकों के बाद भी निश्चित हो रहा है. और इमाम खुमैनी ने इस्लामी गणतंत्र ईरान की जनता के नेता के रूप में अमेरिकी समर्थक, शाह की सरकार को उखाड़ फैंका और ईरान में इस्लामी गणतंत्र की स्थापना की.
सैयद हसन नस्रुल्लाह ने कहा इमाम खुमैनी फ़िलिस्तीन और बैतुल मुक़द्दस पर विशेष ध्यान रखते थे और फ़िलिस्तीन को एक धार्मिक मुद्दे के रूप में पेश किया न राजनीतिक, इमाम हमेशा मुसलमानों को एकता और वहदत की हिदायत करते थे.
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद सद्दाम ने अमेरिका पश्चिमी ब्लाक और दुनिया के विभिन्न देशों के समर्थन के साथ ईरान पर हमला किया उस समय बहुत सारे देश सद्दाम के समर्थक थे किन्तु कुछ दंश जैसे शाम ईरान के समर्थन में थे.
हिज़्बुल्ला के महासचिव ने कहा शाम के बारे में हमारा दृष्टिकोण यह है कि इस देश की एकता की रक्षा होनी चाहिए, हम भी शाम की जनता का समर्थन करते हैं और शाम में मौजूदा आतंकवाद के घटनाओं के बारे दूसरों की तुलना में हमारे विचारों में अंतर है.
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