संस्कृति और कला समूह, मुस्लिम लड़कियों के लिए स्कूलों में हमेशा पर्दे की समस्या है.जब उनको स्कुल में रोका जाता है इस पुस्तक में दो मुस्लिम लड़कियों ग़ज़री हुई समस्याओं की सच्ची कहानी है,
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)शाखा इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन, के अनुसार"सोनिया रसुल"की लीख़ी"पुस्तक"जब मुस्लिम लड़कियों को रोका जाता है"जर्मन के पुस्तक बाजार में पेश की ग़ई
इस पुस्तक के प्रकाशक ने इस में वह सामग्री रख़ी है,जैसे पैगंबर (स0)का युग, मे हमेशा मुसलमानों के साथ सहिष्णुता व्यवहार नही किया ग़या, आज भी हम वैसी ही समस्या रख़ते हैं कि विशेष रूप से मुस्लिम लड़किया जो इस्लामी पोशाक नियमों का पालन करना चाहती हैं. उनको नही करने दिया जाता है
"सोनिया रसुल"की लीख़ी पुस्तक"जब मुस्लिम लड़कियों को रोका जाता है" (Wenn muslimische के Mädchen weinen) जर्मन भाषा में 51-पृष्ठ की है"इस्लामी लाइब्रेरी (Islamische Bibliothek)से प्रकाशित हुई जिसका ISBN संख्या यह है ISBN-10 3-8217-0088-2 2और मूल्य दो यूरो है.
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