ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के "दक्षिण पश्चिम एशिया" क्षेत्र की रिपोर्ट के अनुसार, 13 जून को "मरमरह" में महिब्बीने पैगंबर (स) संगठन की ओर से इस्लाम में महिलाओं के महत्व और स्थान का अवलोकन किया गया.
सम्मेलन के दौरान उपरोक्त संगठन के सदस्यों ने इस्लाम में महिलाओं को मिलने वाली महत्वता और सम्मान की ओर संकेत करते हुए कहा: इस्लाम से पहले महिलाओं को बिल्कुल भी महत्व नहीं दिया जाता था जब कि अल्लाह तबारक व तआला ने इस्लाम के ज़हूर के बाद कुरान करीम में मोमिन मर्द और महिलाओं को समान रूप से संबोधित किया है.
इसके बाद संगठन की कई महिला सदस्यों ने जोर दिया है कि महिलाओं का उदाहरण ऐसे पुल की तरह है जो पिछले ज़माने से अब तक हर समाज के लोगों को आपस में कनेक्ट करता है और जिस समाज में महिलाओं को फ़साद का ज़रिया बना लिया जाए तो वो समाज तबाह हो जाता है और अगर महिलाऐं सही रास्ते पर चलती रहें तो समाज को ख़ुशबख़्ती में बदल सकते हैं.
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