IQNA

बेषत का मधुर फल है, सामाजिक न्याय है

4:56 - June 19, 2012
समाचार आईडी: 2349357
सामाजिक समूह: क्रांति के 33 साल में शिया और सुन्नी भाइयों में तालमेल और भाईचारे पर इस्लामी गणराज्य के अधिकारियों ने जोर दिया है क्यों कि बेषत का मधुर फल, सामाजिक न्याय है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) खुरासान शाखा, Hjtalaslam सैयद मूसा मूसवी , धर्म सन्निकटन के उप महासचिव, 18 जून दोपहर को इस्लामी जागरण कांग्रेस जो कि मशहद में Mazandaran शिविर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ईद बेषत के साथ आयोजित की गयी थी में इस बयान के साथ कि कुरान के चमत्कार का स्पष्ट उदाहरण यह है कि कैसे शब्दों और इस्तेलाहों से भगवान ने लाभ लिया है, कहा: कि पवित्र कुरान में अधिक दिक़्क़त से हम यह प्राप्त कर सकते हैं पवित्र पुस्तक ने, हर शब्द और विषय से इस तरह का उपयोग किया कि साहित्य की आख़िरी हद है.
उन्हों ने बेषत शब्द की ओर इशारा किया और कहा क़ुरान में यह शब्द ग़ैर मानव के लिऐ केवल दो जगह उपयोग किया गया है अज़ाब और हाबील व क़ाबील के क़िस्से में आया है.
मूसवी ने अंत में कहा जो कोई मुसल्मानों मे मतभेद डाले वह अमेरिका का ऐजेंट है.
याद रहे कि इस्लामी जागृति सम्मेलन कल सुबह से बेषत के अवसर पर Hjtalaslam सैयद मूसा मूसवी , धर्म सन्निकटन के उप महासचिव और रब्बानी,महमूद सलाही व अन्य उलमा तथा विचारकों की उपस्थित में मशहद में शुरू हुआ.
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