ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) अयातुल्ला Seyed अली Khamenei के प्रकाशन और रखरखाव कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार उल्लेखित नोट निम्नानुसार है:
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
दुआ, मोमिन का वसीला और परेशान लोगों की पनाहगाह और कम्ज़ोर व जाहिल लोगों का ज्ञान और शक्ति के स्रोत के साथ ऐक संबंध, और मानव भगवान से रिश्ता जोड़े बिना और ग़नी बिज़्ज़ात के सामने कुछ मांगे बिना जीवन में व्यग्र और हताश तथा बर्बाद है«قل ما يعبؤا بكم ربىّ لولا دعاؤكم»1.
सबसे अच्छी दुआ वह है जो भगवान की मारिफ़त और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि के साथ मानवीय जरूरतों को बयान करे और यह केवल पैग़म्बरे ख़ुदा (स.व.) और उनके अहले बैत जो इल्मे पैग़ंबर की जगह और उनके हिक्मत व मारिफ़त के वारिस हैं के पास ही खोज कर सकते हैं. हम
अल्हम्दो लिल्लाह अहलेबैत(अ.) के हवाले से दुआओं का न समाप्त होने वाला ख़ज़ाना रखते हैं कि उनसे लगान मानव को आनन्द और ज्ञान और पूर्णता, प्यार देता है और गंदगियों से साफ करता है.
शाबान की मन्क़ूल मुनाजात जो अहलेबैत अ.स. से बराबर नक़्ल हुई है उन ऐक दुआओं में से है जो आरिफ़ाना अंदाज़ और उचित भाषा और उच्च स्तर के मतालिब तथा बुलंद शिक्षाओं से भरी है उसकी मिस्ल आम भाषा व मुहाविरों में नहीं मिल सकती बल्कि उसका वर्णन मुम्किन नहीं है भगवान के चयनित बंदों की हालत व संपूर्ण तज़र्रो को अल्लाह के साथ बताती है आदर्श उदाहरण और ऐक मोमिन की इच्छा को ख़ुदा के पास भेजने का बेहतरीन ज़रया भी.
हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अ.स. की 15 मुनाजातें भी अपनी विशेषताओं के साथ अहलेबैत अ. से नक़्ल हुई हैं और मोमिन की विभिन्न हालात को देख कर प्रदान की गई हैं.
भगवान सभी लोगों को इन मुबारक शब्दों से लाभ उठाने का आशीर्वाद और इन से स्वयं को सुधारने का अवसर अता करे. Amine.
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