ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)शाखा इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन, के अनुसार यह समारोह ईरान संस्कृति घर और जिम्बाब्वे में ईरान दूतावास के सहयोग़ से 23 जून को दूतावास के डाक बंगले में नमाज़े Maghreb और ईशा के बाद शुरू हुआ और Ziarat वारेसा के साथ ख़तम हुआ.
फिर जिम्बाब्वे में हमारे देश के राजदूत पुर नजफ ने अपनी तकरीर में विशेष रूप से दर्शकों को इमाम हुसैन(अ0) हजरत अब्बास(अ0)और इमाम जैनुल अबेदिन (अ0) के जन्म के अवसर पर तकरीर किया
इस्लामी गणराज्य ईरान के सांस्कृतिक सलाहकार Hjtalaslam asadi मोवह्हेदी ने कहा कि हदीसे सक्लैन का तवातुर इनके महत्व का संकेत है
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