IQNA

4:56 - July 17, 2012
समाचार आईडी: 2370341

आले सऊद: मध्य में अहंकारी किताब का अंतिम पृष्ठ

अंतरराष्ट्रीय समूह: सऊदी अरब जिसे मानवाधिकारों का कब्रिस्तान करार दिया गया है. आज वहां अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ जनता प्रदर्शन कर रही है और ऑल सऊद के अहंकारी प्रणाली के खिलाफ नफ़्रत का इज़हार कर रहे हैं.

ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के विश्लेषण निगार के अनुसार सऊदी अरब जिसे मानवाधिकारों के कब्रिस्तान के शीर्षक से याद किया जाता है. आज जनता अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ नफरत का इज़हार कर रही है और 50 वर्षों से जारी वहाबी मफ़्तयों के गलत विचारों और ऑल सऊद के अहंकारी प्रणाली से तंग आए लोग अपने अधिकार पाने के लिए सड़कों और गली कूचों में आ गए हैं लेकिन आले सऊद के मुरीद शाम, लीबिया, यमन में आतंकवादी समूहों की सूरत में इस्लाम के नाम पर लोगों का नरसंहार कर रहे हैं.
लोगों का विरोध 2011 से ही शुरू हो चुका था. किन्तु इस महीने की 8 तारीख को आयतुल्लाह नम्र की गिरफ्तारी से यह विरोध अपने चरम पर पहुँच चुका है. सऊदी अरब के लोगों में इस्लामी जागरूकता शुरू हो चुकी है. आज क़तीफ़ अवामया और अलअहसा के अलावा मदीने मुनव्वरा में भी प्रदर्शन हो रहे हैं.
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