ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने Press TV के हवाले से नक़्ल करते हुए कहा है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री टीपू मोनी ने 20 जुलाई को घोषणा की कि यह देश पनाहगुज़ीनों की स्वदेश वापसी के लिए म्यांमार की सहायता कर रहा है, जब कि म्यांमार के पनाहगुज़ीन मसलमान की वतन वापसी का मुद्दा पिछले दस साल से परिणाम रहित है.
उल्लेखनीय है कि ढाका की यह अपील उस समय की गई है जब कि मुसलमान अल्पसंख्यकों के नरसंहार में लगातार वृद्ध होरही है.
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने म्यांमार से पिछले छह सप्ताह से जारी हिंसा को तुरंत रोकने और सैकड़ों मुसलमानों की जानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है.
तेन सीन, म्यांमार के राष्ट्रपति ने, पिछले शुक्रवार को कहा:रूहंगिया के मुसलमानों को देश से निष्कासित और संयुक्त राष्ट्र के शिविरों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए.
यह उस समय होरहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और लोकतंत्र की प्रतीक आंग सान सूची म्यांमार में रूहंगिया मुसलमानों के खिलाफ अपराधों के सामने मौन धारण किऐ है.
रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष 10 जून से 28 जून तक 650 रूहंगियाई मुस्लिम मारे जा चुके हैं. इसके अलावा, 1,200 लापता और उनमें से 80हजार से अधिक लोग बेघर हैं.
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