ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)ने समाचार पत्र लीबिया अल यौम, के अनुसार उद्धृत किया कि लीबिया की इस्लामी फोरम ने बयान में बल दिया: कि म्यांमार में Rvhyngya के मुसलमानों के साथ नस्लवाद, बड़े पैमाने पर हत्या और उनको अपने देश छोड़ने पर मजबूर करने जैसी अन्य कार्यवाई मानव समाज की नज़र में सही नही हैं जबकि दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के अपराध को रोकने के खिलाफ कोई प्रतिक्रिया नहीं करता
इस बयान में कहा गया है कि यह कैसे संभव है कि म्यांमार के मुस्लिम समूह कि जो हजारों वर्षों से इस क्षेत्र में अपना जीवन बिता रहे है, उन पर एक समूह द्वारा हमले किये जाऐं उनको बेघर यहां तक कि ज़िन्दा जला दिया जाए? जबकि किसी ने भी इस तरह के अपराध को रोकने के खिलाफ प्रतिक्रिया नहीं की
लीबिया की इस्लामी प्रचार सोसायटी, ने राष्ट्रों, सरकारों और स्थानीय मानवाधिकार संगठनों से आग्रह किया कि म्यांमार में आपराधिक समूहों के ख़िलाफ एकजुटता हो कर खड़े हो जाऐं और विभिन्न तरीकों से आर्थिक प्रतिबंध मुसलमानों के नरसंहार की निंदा की है
इस एसोसिएशन ने इसी तरह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि मानवता और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए, म्यांमार को अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सदस्यता से बर्खास्त कर दिया जाए ताकि इस तरह के अपराध दुनिया के अन्य देशों में ना हों
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