राजनीतिक समूह: हमें यह बात नहीं भोलनी चाहिए कि जब तक कोई भी समाज मूल्यों, सम्मान और ऐहतेराम, मानवाधिकार की छूट और एकता से भरा नहीं होगा हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्लामी मानवअधिकार को बेहतर ढंग से प्रचार नहीं कर सकते और इस बारे में हम अल्लाह की बारगाह में ज़िम्मेदार हैं जिसका हमें जवाब देना होगा.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामी मानव अधिकार आयोग ने 4 अगस्त (इस्लामी मानव अधिकार और मानव करामत का दिन) की मुनासेबत से निम्नलिखित बयान जारी किया है:
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
وَنُرِيدُ اَن نّمُنّ عَلَی الَّذِينَ اسْتُضْعِفُوا فِی الْاَرْضِ وَنَجْعَلَهُمْ اَئِمَّهً وَنَجْعَلَهُمُ الْوَارِثِينَ
साल की शुरुआत से विभिन्न विशिष्ट दिनों को मनाने के बाद इस्लामी मानव अधिकार और मानव करामत का दिन आ पहुंचा है, ऐसा दिन जो इस्लामी सम्मेलन संगठन के सम्मेलन में इस्लामी मानव अधिकार की स्वीकृति की याद ताजा करने और इस्लाम में मानवाधिकार की समीक्षा के साथ मानव करामत की सुरक्षा का दिन माना जाता है.
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