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ज़कात फ़ित्रह; एक प्रकार का वित्तीय पाकीज़गी है / माहे रमज़ान में इबादत का कमाल ज़कात फ़ित्रह और नमाज़े ईद से पूरा होता है

13:24 - August 20, 2012
समाचार आईडी: 2396166
सामाजिक समूह: तेहरान में शुक्रवार नमाज़ के हवाले से स्थापित कमेटी के अध्यक्ष ने फ़ित्रह को वित्तीय पाकीज़गी करार देते हुए कहा: माहे रमज़ान में इबादत का कमाल ज़कात फ़ित्रह और नमाज़े ईद से पूरा होता है.
तेहरान में शुक्रवार नमाज़ के हवाले से स्थापित कमेटी के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम "शेर मुर्दी" ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ बातचीत के दौरान कहा: हम इस महीने में अल्लाह के हुक्म से बहुत सारी चीजों के इस्तेमाल को छोड़ देते हैं और वाजिबात भी अंजाम देते हैं जिसको दूसरे शब्दों में तक़वाऐ इलाही कहते हैं.
उन्होंने कहा इस तरह ज़कात फ़ित्रह का भुगतान जो खुद एक प्रकार की पाकीज़गी है, भी इस तकवा का हिस्सा है क्योंकि अल्लाह तबारक व तआला माल के माध्यम से जिहाद को भी जिहाद फ़ी सबीलिल्लाह करार देता है.
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