अंतरराष्ट्रीय समूह: हमास ने 21 अगस्त को, अल अक़्सा मस्जिद को ऐक यहूदी अतिवादी द्वारा आग लगाऐ जाने के 43वें वर्ष के अवसर पर ऐक बयान जारी करके कहाः, अल अक्सा मस्जिद पर सह्यूनियों को किसी तरह के हेरफेर की अनुमति नहीं देंगे.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) जानकारी डेटाबेस «फिलिस्तीन जानकारी» के अनुसार,फिलिस्तीनी इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन (हमास) ने इस बयान में कहा कि अल अक्सा मस्जिद मुसलमानों का पहला क़िब्ला और तीसरे पवित्र स्थान बाक़ी रहेगा, और यहूदी साज़ी तथा Qods के इतिहास को बदलने के प्रयास विफल रहेंगे.
हमास ने इस बयान में कि मस्जिदे अक़्सा और क़ुदस शरीफ़ की अरबी व इस्लामी पहचान बाक़ी रहेगी पर बल देते हुऐ कहाः कि इस पवित्र स्थान के हम सब कुछ क़ुर्बान कर देंगे.
हमास इस बयान में इस्लामी देशों के लोगों से कहा कि फ़िलिस्तीनी लोगों और उनके प्रतिरोध का समर्थन जारी रखें और फ़िलिस्तीन के इस्लामी मसीही पवित्र स्थलों की रत्क्षा करें.
उन्होंने अपने बयान में चेतावनी दी: इस्लामी देशों की चुप्पी, अल अक्सा मस्जिद के खिलाफ यहूदी अपराध व बड़े पैमाने पर हमले के लिए प्रोत्साहित करती है.
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