ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट नेटवर्क अल आलम के अनुसार, बान की मून, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा: अरबी वसंत देश के अंदर से शुरू हुई और इस घटना में क़ौमें खड़ी होगईं ता कि बेहतर भविष्य प्राप्त करें.
बान की मून अरबी स्प्रिंग को राष्ट्रों के आंदोलनों और जागृति का परिणाम बताया और इस बात पर जोर दिया कि इन देशों में परिवर्तन विदेशी आक्रमण का परिणाम नहीं था.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अपने भाषण के ऐक भाग में सुप्रीम नेता द्वारा विशेष रूप से मध्य पूर्व परमाणु हथियारों से मुक्त प्रस्ताव की ओर इशारारा करते हुऐ कहाः हम इस बात से सहमत हैं और सारी दुन्या को इस तरह किया जाना चाहिए.
उन्होंने यह भी जोर दिया:आज के समुदाय में देशों के भीतर स्वतंत्रता की इच्छा, भाग लेने की इच्छा, दूसरों तक अपनी आवाज पहुंचाने की इच्छा और आत्मनिर्णय के अधिकार की इच्छा में देख रहा हूं.
बान ने मून कहा कि हम सभी देशों को अपने प्रोत्साहित करते हैं कि मिल्लत की आवाज सुनें और न्याय,गरिमा और मानव अधिकारों के लिए उनकी मांग का एहसास करें.
बान की मून ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया में सभी समस्याओं को हल करने के लिए तैयार है कि मदद करे.
उन्हों ने अंत में ईरानी सरकार और क़ौम का गुट निरपेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन के आयोजन व मेज़बानी पर धन्यवाद किया और पिछले 3साल तक इस संगठन की मिस्र द्वारा अध्यक्षता की सराहना के तहत कहाःइस शिखर सम्मेलन के अंतिम बैठक से दुन्या के कुछ भाग जैसे तूनिस,मिस्र,लीबिया और यमन ध्यान का केंद्र बने रहे हैं.
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