राजनीतिक समूह: आयतुल्लाह इमामी काशानी ने सूरऐ अंबियों की आयत 105 की ओर इशारा करते हुए विचार व्यक्त किया: इस सूरह में है « وَلَقَدْ كَتَبْنَا فِی الزَّبُورِ مِن بَعْدِ الذِّكْرِ أَنَّ الْأَرْضَ یَرِثُهَا عِبَادِیَ الصَّالِحُونَ » यह बशारत और विश्व आंदोलन जरूरी है कि एक जगह से शुरू हो और मेरे विचार में तेहरान में गुटनिर्पेक्ष देशों के आंदोलन का सम्मेलन इस लक्ष्य के वजूद का शुरुआती बिंदु है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) की रिपोर्ट के अनुसार मज्लिसे ख़ुबरगाने रहबरी के सदस्य ने 31 अगस्त मुबारक शुक्रवार को शुक्रवार भाषण में गुटनिर्पेक्ष देशों के आंदोलन के सोलहवीं बैठक के तेहरान में आयोजन की ओर इशारा करते हुए कहा: इस बैठक के आयोजन से इस्लामी गणतंत्र ईरान के राजनीतिक और सामूहिक सत्ता की ऐसे हालात में प्रदर्शन हुआ है कि जब ईरान पर चारों ओर से सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक हमले लगातार जारी है.
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