पाकिस्तान के कराची के विश्वविद्यालय के एक सुन्नी प्रोफेसर नूर अहमद शहनाजृ, ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ एक साक्षात्कार में भाषण देते हुए कहा कि, Quranic शिक्षाओं से फाएदा हासिल करना इमाम जाफरे सादिक (अ0स0) की शिक्षाओं पर आधारित है इस बुज़ुर्ग मोहक़्क़िक़ और मुसलमानों के कुरान के प्रमुख शिक्षक और सुन्नते पैगंबर(स0अ0) की बुनियाद पर लोगों को गाइड किया करते थे
उन्होंने अपने भाषण के दूसरे भाग में अहले सुन्नत के बुज़ुर्ग विद्वानों के नज़दीक इमाम जाफरे सादिक (अ0स0) के मक़ाम और मन्ज़लत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अहले सुन्नत के संसाधन में इमाम जाफरे सादिक (अ0स0) को बहुत अधिक माना जाता है इसी तरह बहुत से सूफी ओलमा अपने को इमाम जाफरे सादिक (अ0स0) का शागिर्द क़रार देते हैं.
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