ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), विदेश मंत्रालय के सूचना और प्रेस कार्यालय के अनुसार, हसन qashqavi, विदेश मामलों के मंत्रालय में बाहर रह रहे ईरानियों और संसद मामलों में कौंसलिंग उपाध्यक्ष ने देश भर के हौज़ऐ इल्मियह के छात्रों और राजनीतिक अभिजात वर्ग में बोलते हुऐ पैगंबर(PBUH) के खिलाफ अपमानजनक फिल्म के प्रकाशन को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अधिकार के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और नियमों के पूर्ण विरोधाभास बताया.
उप विदेश मंत्री ने कहाः कि 1999 के बाद से मानव अधिकार परिषद में जो प्रस्ताव "धर्मों के अपमान" के बारे में पारित हुआ और इसी तरह तीसरी समिति 2006 ई. में जो प्रस्ताव पारित किया गया है और आज तक लागू है आम तौर पर "धर्मों की मानहानि निषेध" को "नस्लीय भेदभाव व दुश्मनी" से संबंधित अधीन बहसों में जांच हो चुकी है और यह कार्वाई हर लिहाज़ से अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और नियमों के पूर्ण विपरीत है.
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