ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार नेटवर्क अल आलम की वेबसाइट के अनुसार, मदीने में नहि अनिल मुन्कर व अम्र बिल मारूफ़ से प्रसिद्ध सऊदी पुलिस ने बक़ी की महिला तीर्थयात्रियों के एक समूह पर जब वह ज़ियारत कर रही थीं हमला कर दिया और सख़्ती व दुश्मनी के साथ ज़ियारतनामों के बंद करने और फोन आफ़ करने पर मजबूर कर दिया.
गवाहों के अनुसार, सऊदी अरब की धार्मिक पुलिस के एक ब्यक्त ने भय और आतंक पैदा करने के लिए जन्नतुल बक़ी में महिलाओं की आबादी के बीच घुस गया ता कि उन्हें भगाऐ, यह उस वक़्त है जब कि सऊदी अरब में अम्र बिल मारूफ़ से प्रसिद्ध बोर्ड ना महरम पुरुषों और महिलाओं के किसी भी मिश्रण के खिलाफ है.
सउदी धार्मिक पुलिस ने इसी तरह महिला तीर्थयात्रियों का अपमान करते हुऐ, उन पर मूर्ति पूजा और शिर्क का आरोप लगाया और ज़ियारत जारी रखने से मना कर दिया यह महिलाऐं शिया आबादी वाले प्रांत "Qatif" से हज कारवां के साथ मदीना आईं थीं.
यह पहली बार नहीं है कि सऊदी वहाबी पुलिस और सुरक्षा बलों ने धार्मिक मामलों पर नियंत्रण के बहाने, तीर्थयात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन और उन पर हमला किया है.
फरवरी 2009 में जन्नतुल बक़ी के शिया तीर्थयात्रियों पर हमला किया था और चार दिन तक यह संघर्ष चला था जिस में सऊदी सुरक्षा बलों की हिंसक हस्तक्षेप के कारण चार शिया लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे.
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