ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने जानकारी साइट«iinanews.fr» की रिपोर्ट के अनुसार बताया, कि आंग सान सूची ने लंबे इंतजार के बाद Rvhyngya के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव किये जाने के बारे में बात की और म्यांमार सरकार से आग्रह किया कि वह आंतरिक और बाहरी विशेषज्ञों की सिफारिशों पर मुसलमानों को नागरिकता दिये जाने जाने के बारे में सुने.
उन्होंने बोलते हुए कहा कि किसी भी सरकार को लोगों के अधिकार देने के बारे में फैसला करने का अधिकार है, लेकिन यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होना चाहिए. म्यांमार सरकार को देश में शांति लौटाने के लिए फैसला लेना चाहिए.
इससे पहले, कई नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं ने इस देश के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रति म्यांमार की सरकार की उदासीनता पर, देश में विरोध प्रदर्शन करके आपत्ति जताई थी, इसी विरोध प्रदर्शन ने आंग सान सूची को भाषण देने पर मजबूर किया.
म्यांमार में संविधान 1982 को मंजूरी दे दी है, Rvhyngya के लोगों को अन्य जातीय 135अल्पसंख्यकों के बीच शुमार नही किया है और उनको नागरिक अधिकारों से वंचित कर रहे हैं. म्यांमार के लोग, Rvhyngyaha को बांग्लादेशी मुस्लिम आप्रवासियों के रूप में जानते है.
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