अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), ब्रासा इराकी समाचार एजेंसी ने इस घटना से संबंधित वीडियो रिपोर्ट प्रकाशित करने के साथ कहाःइस आरामगाह के ख़ून से रंगीन होने के साथ हजारों मुसलमान खून की तरह बह रहे तरल को देखने के लिए जो कि पवित्र क़ब्र से जुड़ी दीवारों और ज़रीह से ज़ाहिर था इस जगह के आसपास इकट्ठे होगऐ.
हज़रत ख़ूलह के रौज़े से निकट सूत्रों ने बतायाःकि ख़ूलह के रौज़े की दीवारों को ख़ून से रंगीन देखकर हरम में सभी ज़ायरीन और विद्वान भी ज़रीह के आसपास जमा हो गए और सब ने इस धार्मिक चमत्कार को निकट से देखा और तस्वीरें और वीडियो बनाईं.
उल्लेखनीय है कि पिछले साल आशूर को करबलाए मुअल्ला के संग्रहालय में रखी गई वास्तविक तुर्बते हुसैनी भी खून में तब्दील हो गई थी.
कर्बला के असीरों का काफिला शाम यात्रा में शहर बाल्बक से गुज़रा था तो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की 'ख़ूलह' नाम की एक छोटी बच्ची यात्रा की कठिनाइयों और ज़ालिमों की अज़ीयतों को सहन न कर सकी और इस दुनिया से चल बसी थीं. आप को इसी शहर में दफना दिया गया था. आपका रौज़ा आज लेबनान ख़सूसन शहर बाल्बक में रहने वालों के लिए ज़ियारतगाह है.
इस घटना से संबंधित दृश्य जिसे ब्रासा ने प्रकाशित कि या है यहां हैं
تصاويرمربوط به اين واقعه را كه براثا منتشر كرده است، اينجا ببينيد!
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