अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार एजेंसी ब्रासा के अनुसार, इमामैन जवादैन(अ.स) के रौज़े के गुंबद पर शोक झंडे लगाऐ जाने का समारोह 1 जून शनिवार को हाज फ़ाजल-अंबारी, पवित्र काज़मैन रौज़े के संरक्षक, व इस रौज़े के अधिकारियों तथा तीर्थयात्रियों की एक संख्या की उपस्थित में आयोजित किया गया.
यह समारोह सैयद हैदर जवाद अल मूसवी इराक़ी कारी द्वारा कुरान मजीद की आयतों की तिलावत से शुरू हुआ और फिर काज़मैन रौज़े के संरक्षक ने इमाम Mousa Kazem अ.स. की शहादत की सालगिरह पर दर्शकों और इराकी धार्मिक मराजेअ हज़रात को संवेदना पेश की.
हाज फ़ाजल-अंबारी, ने आगे अपने भाषण में अहलेबैत (अ.स)की जीवनशैली के संचालन की पाबंदी और आपकी महान चरित्र को शांति, सहिष्णुता और करुणा की संस्कृति के माध्यम से याद दिलाने पर बल दिया.
तदनुसार, महमूद अल Mashhadani, इराकी संसद पूर्व प्रमुख ने ऐक प्रेस वक्तव्य जारी करके इमाम मूसा Kazim (अ.स) की शहादत की सालगिरह को "इराकी कैदियों" के राष्ट्रीय दिवस से नामकरण की मांग की. वह क़ैदी जो सद्दाम के दौर में उसके अत्याचारों से जूझते रहे या मज़ालिम सहते सहते शहीद होगऐ अथवा बेकार व नाकारा होगऐ हैं.
1238225