अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) vetogate की जानकारी डेटाबेस के अनुसार, अहमद करीमह, अल अजहर विश्वविद्यालय में तुलनात्मक न्यायशास्त्र के प्रोफेसर ने परसों रात 15 जून को, चैनल «MBC» मिस्र के "एक लाभायक वाक्य "कार्यक्रम में भाषण देते हुऐ, कहा: जिहाद और खुल्लम खुल्ला अपराध ऐक दोनो से अलग अलग हैं और जिहाद का अर्थ यानि मुसल्मानों का काफ़िरों से लड़ना ऐक विशेष हालत में और इसकी मिसाल,फ़िलिस्तीन में सह्यूनियों से मुक़ाब्ला और अफ़्ग़ानिस्तान में रूस के क़ब्ज़े के समय रूस से लड़ना है.
अहमद करीमह ने आगे कहाः आज जो कुछ हम इराक और सीरिया में देख रहे ऐक बे अर्थ के आंदोलन है क्योंकि इन देशोंमें मुसलमानों के दो संप्रदाय एक दूसरे को मार रहे हैं और जो, इस समूह को मारने के लिए तैयार किऐ जा रहे हैं कुरान और सुन्नत पर हमला किया है ओर इन दो स्रोतों के साथ युद्ध के लिऐ उठ खड़े हुऐ हैं.
उन्होंने यह भी कहा: मुस्लिम राष्ट्र के बुद्धिमान लोग बजाय इसके कि लोगों की भावनाओं को प्रोत्साहित करें बुद्धि से काम लें और मामलों में सुधार करना चाहिए.
नोट्स, एम अलअरीफ़ी, सऊदी वहाबी शेख, यूसुफ Alqrzavy, मुस्लिम विद्वानों के अंतर्राष्ट्रीय संघ के अध्यक्ष ने एक बयान जारी करके और "सीरिया में जिहाद" के नाम से दावत देकर निर्दोष लोगों की हत्या के लिए ज़मीन तैयार की है और यह दावत शिया व सुन्नी मौलवियों द्वारा विरोध का सामना कर रही है.
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