अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) अभी ख़बर की जानकारी डेटाबेस के अनुसार, "Mamdouh बिन अब्दुलअजीज बिन अब्दुलरहमान आले सउद, सऊदी राजकुमार ने अपने तीखे शब्दों वाले लेख में देश के अग्रणी वहाबी मिशनरियों जैसे सलमान अलओद, मोहम्मद अलअरीफ़ी, नासिर अलउमर और औज़ुल क़र्नी को जो सऊदी अरब में "जागृति" संगठन के सदस्यों से हैं "ख़्वारिज" कहा है.
"आले सउद"साम्राज्य के संस्थापक के पुत्र,ने इस लेख में जो 29 जून मेंको, दैनिक 'अल हयात"सऊदी अरब में प्रकाशित हुआ बल दिया: 20 वर्षों से अधिक है कि शैतान वहाबी संप्रदाय के दिल, दिमाग और भाषा पर प्रभुत्व है, और यह संप्रदाय इस तरह से हमारे ऊपर उच्चता पाऐ है कि हम और हमारा देश भगवान और भगवान के दूत के शब्दों से ग़ाफ़िल होगऐ हैं.
इस सऊदी प्रिंस ने कहा: भगवान की क़सम शैतानी संप्रदाय या वही Sahwa और "ख़्वारिज" के सदस्य, वही शैतानी संप्रदाय हैं जो समाज को धोका देरहे हैं.
इस लेख में आया है कि इस शैतानी संप्रदाय ने दो कारणों से लोगों को अपने निकट कर लिया है पहले यह कि जनता फ़ितरी तौर हर उस मनुष्य का जो धर्म के नाम पर बुलाता है स्वागत करती है और दूसरे यह कि उन लोगों ने सरकार और विद्वानों में अपनी हुस्ने नीयत को साबित कर दिया है.
राजा अब्दुल्ला के सौतेले भाई, ने कहा:अल्लाह की क़सम इस संघ के सदस्यों को तौहीद के बारे में आम जनता की मालूमात से अधिक कुछ नहीं मालूम है यहां तक कि ऐक बच्चा भी उनके बड़ों सलमान अलओद, मोहम्मद अलअरीफ़ी, नासिर अलउमर और औज़ुल क़र्नी जैसों को सही तौहीद को ना केवल शब्दों से बल्कि अमल के साथ सिखाऐगा.
इस लेख में यह भी संकेत दिया है: अल्लाह की क़सम, शैतान पंथ के सदस्यो ने जब से देश के शीर्ष पर सवार हुऐ अपने काले विचारों से जिन्हें कभी इस्लाम का रंग देते हैं और कभी जनता के लोकप्रिय मामलों से वर्णित करते हैं देश को ऐक आलिम तक नहीं दिया.
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