अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार पत्र "फाइनेंशियल टाइम्स"के अनुसार, कैमरून को हाल के दिनों में सऊदी अरब द्वारा बड़े पैमाने पर मानवाधिकार हनन के बावजूद लंदन और रियाद के बीच संबंधों पर ,बहुत ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ा है और इन संबंधों को ख़त्म करने का दबाव बढ़ रहा है।
कैमरून ने इस आलोचना के बाद, सऊदी अरब में हाल ही में फांसियों से पैदा तनाव पर चिंताजनक वर्णित किया है और कहा: ब्रिटेन सभी परिस्थितियों में मौत की सजा की निंदा करता है और इसका समर्थन नहीं करता है।
उन्होंने कहा: हम ने सऊदी अधिकारियों के साथ इन विचारों का तबादला किया है।
ब्रिटेन, सऊदी अरब के साथ व्यापारिक भागीदारों में से एक है और हर साल सबसे बड़े पैमाने पर हथियारों और सैन्य उपकरणों की एक बड़ी राशि इस देश को निर्यात करता है कि रियाद उनमें से बहुत कुछ यमन औऱ बहरीन व सीरिया और अन्य देशों में हस्तक्षेप के लिए उपयोग करता है।