अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने आवा समाचार एजेंसी के अनुसार बताया कि 15 जनवरी को मज़ारे शरीफ के सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के तिब्यान केनद्र मे शिया और सुन्नी विद्वानों के साथ "मह्दवीयत अन्य धर्मों के दृश्य से" के नाम से बैठक आयोजित की ग़ई।
सुन्नी विद्वान और उत्तरी अफगानिस्तान के उलेमा और इस्लामी ब्रदरहुड परिषद के सचिव मौलवी अब्दुल रऊफ तवाना ने इस बैठक में कहा कि महदवीयत और हजरत महदी अ0 पर अक़ीदा मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण है और यह शिया से मख्सुस नही बल्कि सुन्नी भी आम तौर पर इमाम महदी अ0 के बारे में 100 से अधिक सुन्नी हदीस की पुस्तकों में हदीस नक़ल किया है।
उन्होंने कहा कि शिया और सुन्नी के बीच इमाम महदी अ0 के बारे में इख्तलाफ केवल उनके जन्म के बारे में है और यह केवल छोटा सा इख्तलाफ है हम को चाहिए कि हम दुश्मनों को अनुमति ना दें के वोह हमको विभाजित कर हमारा दुरुपयोग करें।
उलेमा और इस्लामी ब्रदरहुड परिषद के सचिव ने बताया
किहमारी किताबों में हज़रत इमाम महदी (अ0)
के ज़ोहुर के बारे में 100 से अधिक अलामतें जैसे फसाद का ज़ियादा होना, रमजान के दौरान
चंद्र और सुर्य र्ग्रहणों होना और दज्जाल
का आना बताया है