राजनीतिक समूह: इस्लामी क्रांति के सर्वोच नेता ने, परमाणु वार्ता के बारे में राष्ट्रपति के पत्र के जवाब में, अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध के परिणाम और परमाणु वैज्ञानिकों और वार्ता में शामिल सभी लोगों के प्रयासों के परिणाम के रूप में प्रतिपक्षों की वापसी पर संतोष व्यक्त करने के साथ, राष्ट्रपति को संबोधित करते हुऐ पांच महत्वपूर्ण प्वाइंट पर बल दिया।
अंतर्राष्ट्रीय कुरान
समाचार एजेंसी (IQNA) सर्वोच्च नेता के कार्यालय
की जानकारी डेटाबेस के हवाले से,हज़रत अयातुल्ला खमेनी ने जनाब रूहानी, राष्ट्रपति के पत्र के जवाब में विशेष परमाणु वार्ता में
दमनकारी प्रतिबंधों कके सामने ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध के परिणामों और परमाणु वैज्ञानिकों
और वार्ताकारों के निरंतर प्रयास के सामने प्रतिपक्षों की वापसी पर संतोष व्यक्त करने
के साथ राष्ट्रपति को संबोधित करते हुऐ पांच महत्वपूर्ण प्वाइंट पर बल दिया।
राष्ट्रपति के लिऐ
सर्वोच्च नेता के पत्र का मज़्मून इस प्रकार है:
بسمالله الرحمن الرحيم
जनाब डॉ रूहानी
गणराज्य के राष्ट्रपति
सलाम और बधाई,
दमनकारी प्रतिबंधों
के ममुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध और इस महत्वपूर्ण उद्योग को आगे बढ़ाने
में परमाणु वैज्ञानिकों के प्रयास और वार्ताकार दलों के अथक प्रयासों पर कि अंततः प्रतिपक्षों
को जिनमें कुछ तो ईरानी राष्ट्र की दुश्मनी में प्रसिध्द हैं पीछे हटने और आक्रामक
प्रतिबंधों से राहत देने के लिए मजबूर किया, अपनी संतुष्टि को ज़ाहिर करता हूं और जनाब
आली तथा वार्ताकारों और ख़ुद मान्नीय मंत्री और शामिल सभी लोगों को धन्यवाद करता
हूं । समय का ध्यान रखते हुऐ जनाब की तवज्जह को केंद्रित कर रहा हूं कि:
सबसे पहले, ख्याल रखना कि सामने वाली पार्टी अपने दायित्वों
को पूर्ण तरह से अंजाम दे, इन तीन दिनों में कुछ अमेरिकी नेताओं के बयान पूरी तरह से
शक के दायरे में हैं।
दूसरे, सभी सरकारी अधिकारियों को ध्यान दिलाया जाता है
कि देश की आर्थिक समस्याओं का समाधान ताकत वर अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में अथक
और ज्ञानी प्रयासों में निहित है और प्रतिबंधों का हट जाना अकेले देश की अर्थव्यवस्था
व लोगों की आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं है।
तीसरा, विज्ञापन में ध्यान दिया जाना चाहिए क्यों कि
इस समझौते के मुक़ाबले में जो हाथ में आया है बहुत क़ीमती भुगतान किया गया है, लेखन
और बयान जो यह प्रयास कर रहे हैं इस तथ्य को नजरअंदाज करदें और अपने को पश्चिमी पक्षों
का ममनून ज़ाहिर कर रहे हैं राष्ट्र की जनता की राय के साथ ईमानदारना सुलूक नहीं कर रहे हैं।
चौथे, अहंकार और ज़बरदसस्ती के खिलाफ प्रतिरोध और मुक़ाविमत
के परिणामस्वरूप जो यह उपलब्धि प्राप्त की है। इस को हम सभी लोग इस्लामी गणराज्य में
सभी मामलात और घटनाओं के लिए एक बड़ा सबक मानना चाहिए।
पांचवें: एक बार फिर
मैं जोर देता हूं, कि इस और अन्य मुद्दों पर
अभिमानी शक्तियों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य
अमेरिका के धोखाबाज़ी और उल्लंघन से ग़ाफिल नहीं होना चाहिऐ।
जनाब आली और देश के
अन्य अधिकारियों की सफलता के लिऐ सर्वशक्तिमान अल्लाह से प्रार्थना करते हैं।
सैय्यद अली ख़ामेनई
19 जनवरी 2016
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