अंतर्राष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार «abc.net.au» के अनुसार, «ताररी शाकील" 26 साला पहली अंग्रेजी महिला है जिसका सीरिया से लौटने के बाद कोर्ट परीक्षण हो रहा है।
उससने कहा: कि वे सीरिया इस लिऐ गई थी क्योंकि वह इस्लामी कानून के तहत जीना चाहती थी!
Taryna Shakyl ने 2014 के अंत में बर्मिंघम में अपने घर को छोड़ दिया था और अपने परिवार से कहा था छुट्टी पर एक तटीय क्षेत्र के लिए जा रही है।
फिर उसके बाद वह Raqqa, सीरिया, ख़ुद से बनाई गई दाइश की राजधानी चई गई।
वह बाद में इस निष्कर्ष पर पंहुची कि दाइश कानून के तहत रहना बहुत मुश्किल है फिर जनवरी 2015 में अपने बेटे के साथ तुर्की सीमा पर भाग आई।
Shakyl फरवरी 2015 में लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर गिरफ्तार करर ली गई।
पुलिस पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि एक तुर्की आदमी द्वारा धोखा दिऐ जाने के कारण सीरिया आगई अदालत ने इस दावे को खारिज कर दिया है।