अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) प्रेस टीवी के हवाले से, समाचार एजेंसी "एसोसिएटेड प्रेस" ने इस बारे में रिपोर्ट दी है कि लगभग 30 यूरोपीय देशों से मिल कर बनी जासूसी एजेंसियां ऐक योजना बना रही हैं ता कि, एक आभासी नेटवर्क बना के, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने डेटा को एक दूसरे के साथ विनिमय करें।
यह समूह जो कि "आतंकवाद विरोधी" नाम रखता है, 28 देशों जो यूरोपीय संघ के सदस्य हैं और दो देशों नॉर्वे और स्विट्जरलैंड से मिल कर बनी खुफिया एजेंसियों से गठित एक अनौपचारिक नेटवर्क है जिसका इरादा कि इस नई योजना को जुलाई से पहले पूरा करलें।
यूरोप में पिछले साल (2015) के हमलों ने इन देशों को मजबूर किया कि सीमा पार से खुफिया सहयोग में शामिल रहें।
"हंस-जोर्ज Masn", जर्मनी की आंतरिक खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि यूरोप में आतंकवादी हमलों जैसे फ्रांस में हाल के हमलों से पता चला है कि (आतंकवादी) आईएसआईएस और अल कायदा के समूह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सक्रिय हैं।
"रोब बैरेट होली" "डच खुफिया और सुरक्षा सेवाओं के" प्रमुख भी इस यूरोपीय जानकारी परियोजना के बारे में कहा: कि इस कार्यक्रम का ध्यान विदेशी लड़ाकों और इन समूहों व सहयोगियों के खतरों पर केंद्रित रहेगा।