अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) रिपोर्ट में इराकी समाचार एजेंसी "नून" के हवाले से, "शेख मोहम्मद उमर" ने ऐक सप्ताह पहले ब्रिटिश सुन्नी विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ इराक की यात्रा और देश के विभिन्न भागों का दौरा किया और दाइश अपराधों के तथ्यों से परिचित हुऐ ।
उन्होंने कहा कि इराक में हम ने जिस सच्चाई को देखा वह ग्रेट ब्रिटेन के सभी मस्जिदों, स्कूलों और चर्चों में शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के लिऐ इराकी लोगों की इच्छा को पंहुचाऐंगे और यह कि इराकी लोगों का केवल ऐक दुश्मन, आतंकवादी संगठन दाइश है।
शेख मोहम्मद उमर ने कहा:दाइश के लिऐ शिया या सुन्नी में कोई मतभेद नहीं है हम ने इराक में जो देखा इराकी लोगों के ख़िलाफ़ युद्ध है और यह युद्ध इराक़ी लोगों के बीच सांप्रदायिक युद्ध नहीं है,बल्कि इराकी नागरिकों और दाइश के बीच एक युद्ध है।
उन्होंने कहा: मेरे शब्दों पर पुरूफ़ स्पष्ट है, क्योंकि इस आतंकवादी समूह के कब्ज़े वाले क्षेत्रों में दाइश अपराधों के सबसे अधिक पीड़ितों में सुन्नी लोग हैं इसी तरह दाइश चरमपंथी तत्व शियों कोजहां पाते हैं लक्षित करते हैं।
इस ब्रिटिश सुन्नी विद्वान ने कहा: इराक के रक्षा और आंतरिक मंत्रियों के साथ इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद, दो बातें हमारे लिए स्पष्ट हो गई है पहल,दाइशस को ख़त्म करने के लिऐ इराकी अधिकारियों का मज़बूत निर्णय और दूसरे आतंकवादियों और उग्रवादियों के नामों की सूची जिसमे अधिक्तम अरब और विदेशी हैं न कि इराकी लोग,और यह बात हमें आशावाद बना देती है कि वास्तव में इराक़ी नागरिक, यूनाइटेड लोग हैं, जिनकी कोशिश है कि एक के साथ शांति से रहें।
यह उल्लेखनीय है कि इस ब्रिटिश सुन्नी विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में इमाम हुसैन (अ.स) के पवित्र रौज़े के जानकारी विभाग के अंतरराष्ट्रीय मीडिया शाखा के लिए समन्वय और इंस्टीट्यूट ऑफ "Alastqamh" लंदन के सहयोग और ब्रिटिश में रह रहे सुन्नी विद्वानों के इराक में घटनाओं की वास्तविकता और इस देश में आतंकी समूह दाइश के खिलाफ युद्ध की प्रकृति से परिचय के उद्देश्य से इराक का दौरा किया।
ब्रिटिश विद्वानों ने इस यात्रा में इराकी शिया और सुन्नी विद्वानों और पादरियों तथा देश में रौज़ों के अधिकारियों से मुलाक़ात की और इस्लामी राष्ट्र की तक्दीर साज़ आम और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।