अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) प्रेस टीवी के हवाले से, अरब कुशल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन शिया मुसलमानों कराची के उत्तरी शहर में मस्जिद नजफ में शुक्रवार की नमाज के बाद मोटरसाइकिल पर सवार बंदूकधारियों की गोलियों का शिकार हुए थे।
यह तीन लोग हाशिम रिजवी, 40, अली साजिद, 27, और शमीम रिजवी, 30 साल के थे।
अभी किसी व्यक्ति या समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन तालिबान उग्रवादियों को अक्सर इस तरह के हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
यह 2016 के शुरुआत के बाद से कराची में शियाओं के खिलाफ पहली बार हमला मानना जाना है।
24 जुलाई 2015 को भी, अज्ञात बंदूकधारियों ने जो एक मोटरसाइकिल पर सवार थे शहर कराची में एक शिया कार्यकर्ता सैयद रईस जाफ़री पर गोलीबारी शुरू कर दी और उसे मार डाला।
कराची शहर पिछले 25 वर्षों से राजनीतिक और सांप्रदायिक अशांति डिवीजनों का गवाह रहा है। इस बीच, शहर में अशांति के कारण सैकड़ों लोग मारे गए हैं।
यह उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय को आतंकवादी हमलों का लक्ष्य बनाया गया है।
पाकिस्तानी शिया नेताओं ने हाल ही में देश की सरकार से मांग की है कि अशांति और लक्षित हत्याओं के अपराधियों को उनके कार्यों के बदले ससज़ा दी जाऐ ।
इसी तरहह सुन्नी समूहों ने भी कराची में शियाओं की हत्या की निंदा की है और इन कामों को इस देश के खिलाफ साजिश बताई है।
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