अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने "डेली ट्रस्ट" समाचार एजेंसी हवाले से बताया कि अब्दुल लतीफ ने कहा कि मस्जिद केवल इबादत और शिक्षण के लिए नही है बल्कि आध्यात्मिक विकास और समाज के सुधारने के लिए एक संस्था है।.
उन्होंने कहा कि आज अन्य लोग मकान में रहने के लिए मकान बनाते हैं लेकिन मस्जिदों, जहां धार्मिक गतिविधियों, राजनीतिक, शैक्षिक और सामाजिक जीवन पर ध्यान दिया जाता है कोई ध्यान नही दिया जाता है।
उन्होंने मस्जिदों के कार्य पर जोर देते हुए कहा बोर्ड में एक सक्षम आदमी के होने की आवश्यकता है।