अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) समाचार पत्र "द इंडिपेंडेंट"के अनुसार, यह पोस्टर इस साल 3 जून से लंदन, बर्मिंघम, Burford, मैनचेस्टर, और लीसेस्टर में जहां एक बड़ी मुस्लिम आबादी है 640 बसों पर लगाऐंगे।
यह पहल इसी तरह इस इस्लामी चैरिटी के सीरिया गृहयुद्ध के शिकार लोगों की मदद करने के अभियान का हिस्सा है ता कि इस माध्यम से मुसलमानों को ज़कात का भुगतान करने पर प्रोतसाहित करें।
यह संस्थान उम्मीद रखती है कि बस विज्ञापन लोगों को प्रोत्साहित करने में मदद देगी और रमजान की पूर्व संध्या पर ज़कात देने में प्रभावी होगी।
इमरान मादन, इस्लामी कल्याण सेवा ग्रेट ब्रिटेन के प्रमुख ने कहा: एक पहलू से इस अभियान का नाम तब्दीली अभियान रखा जा सकता है क्योंकि हमारा लक्ष्य इस देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नकारात्मक माहौल को बदलना है।